इसका जवाब सिर्फ भूगोल से नहीं मिलता। किसी देश की एशियन गेम्स में भागीदारी उसके इतिहास, खेल संस्थाओं की सदस्यता, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीतिक परिस्थितियों से भी तय होती है। और यहीं से इन तीनों देशों की कहानी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हो जाती है।

इजराइल: राजनीतिक विवादों के कारण एशियन गेम्स से बाहर

इजराइल कभी एशियन गेम्स का हिस्सा था। उसने 1954 से 1974 तक इन खेलों में हिस्सा लिया। लेकिन वेस्ट एशिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव का असर खेलों पर भी पड़ा।

1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में इंडोनेशिया ने इजराइल को आमंत्रित नहीं किया था। कई अरब देशों ने इजराइली खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले पर आपत्ति जताई थी। बाद में 1981 में ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के गठन के समय भी इजराइल सदस्य नहीं बना। इसके बाद उसने यूरोपीय खेल संस्थाओं के साथ जुड़ाव बढ़ाया। उसकी फुटबॉल टीम यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन के तहत खेलती है।

वेस्ट एशिया के राजनीतिक समीकरणों में बदलाव जरूर आया है। 2020 के अब्राहम समझौते के बाद इजराइल के UAE और बहरीन के साथ औपचारिक संबंध बने। मोरक्को के साथ भी संबंध सामान्य हुए। सितंबर 2026 में दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को और मजबूत करने की घोषणा की।

हालांकि, इसे एशियन गेम्स में इजराइल की वापसी की प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। मौजूदा ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया की सदस्य सूची में इजराइल शामिल नहीं है।

तुर्किये: 97% जमीन एशिया में, लेकिन खेल ढांचा यूरोप का

तुर्किये का करीब 97% भूभाग एशियाई हिस्से यानी अनातोलिया में है। इसके बावजूद तुर्किये ने राजनीतिक, आर्थिक और खेल संस्थाओं में यूरोपीय ढांचे के साथ मजबूत जुड़ाव बनाया।

1923 में आधुनिक तुर्किये के गठन के बाद पश्चिमी संस्थाओं से उसका जुड़ाव बढ़ा। खेलों में भी उसने यूरोपीय व्यवस्था को प्राथमिकता दी। उसकी फुटबॉल टीम यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन की सदस्य है। बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स जैसे कई खेलों में भी तुर्किये यूरोपीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता है।

तुर्किये ने ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) की सदस्यता नहीं ली है। इसलिए उसका ज्यादातर भूभाग एशिया में होना अपने आप उसे एशियन गेम्स में खेलने का अधिकार नहीं देता।

अगर वह भविष्य में एशियन गेम्स में शामिल होना चाहता है, तो उसे OCA की सदस्यता या किसी भागीदारी व्यवस्था के तहत जगह बनानी होगी।

रूस: 75% जमीन एशिया में, लेकिन आबादी और खेल पहचान यूरोप में

रूस की करीब 75% जमीन एशिया में है, लेकिन उसकी 75% आबादी यूरोपीय रूस में रहती है। राजधानी मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जैसे प्रमुख शहर भी यूरोपीय हिस्से में हैं।

खेलों में भी रूस की पहचान लंबे समय से यूरोप से जुड़ी रही है। सोवियत दौर से उसकी खेल संरचना यूरोपीय संस्थाओं से जुड़ी रही। फुटबॉल में भी रूस यूरोपीय खेल ढांचे का हिस्सा रहा है।

रूस ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया में शामिल नहीं है। हालांकि इसी साल OCA ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में रूसी खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन के फैसले का स्वागत किया।

रूस के एशियाई हिस्सों का एशियाई खेल गतिविधियों से कुछ जुड़ाव जरूर है। याकूतिया में आयोजित चिल्ड्रन ऑफ एशिया गेम्स में एशियाई देशों के युवा खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।

2023 में रूस को सेंट्रल एशियन फुटबॉल एसोसिएशन (CAFA) चैंपियनशिप में खेलने का न्योता मिला था। तस्वीर में- रूस ने नवंबर 2023 में ताजिकिस्तान के खिलाफ फ्रेंडली मैच खेला था। ऑस्ट्रेलिया एशिया में नहीं, फिर भी करीब आ रहा

ऑस्ट्रेलिया एशिया का हिस्सा नहीं है, लेकिन खेलों में उसका एशिया से मजबूत जुड़ाव है। 2006 में उसने ओशिनिया फुटबॉल कॉन्फेडरेशन छोड़कर एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन की सदस्यता ली।

इसके पीछे एक बड़ा कारण वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन का रास्ता था। ओशिनिया की टीमों को वर्ल्ड कप में पहुंचने के लिए इंटर-कॉन्टिनेंटल प्लेऑफ खेलना पड़ता था, जबकि एशिया के पास सीधे क्वालिफिकेशन के ज्यादा मौके थे।

एशियन फुटबॉल कॉन्फेडरेशन की सदस्यता का मतलब एशियन गेम्स खेलने का अधिकार नहीं है। एशियन गेम्स ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के तहत होते हैं। मौजूदा OCA जनरल असेंबली में ऑस्ट्रेलिया शामिल नहीं है।

फिर भी ऑस्ट्रेलिया के लिए एक उदाहरण मौजूद है। OCA ने ओशिनिया के देशों को अतिथि के रूप में अपने आयोजनों में शामिल किया है। 2017 एशियन विंटर गेम्स में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को अतिथि राष्ट्रीय ओलिंपिक समितियों के रूप में जगह मिली थी।

इसके पीछे सिर्फ खेल नहीं, बाजार भी एक वजह हो सकता है। ऑस्ट्रेलिया फुटबॉल के जरिए पहले ही एशियाई खेल बाजार से जुड़ा है। 2026 एआईची-नागोया एशियन गेम्स के लिए 9,305 मीडिया और ब्रॉडकास्टिंग प्रतिनिधियों की पुष्टि हुई है, जिनमें 23 राइट्स होल्डिंग ब्रॉडकास्टर्स शामिल हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे को एक विकेट से हराया:जोश इंग्लिस का शतक, एलिस ने 36 रन बनाने के साथ 3 विकेट भी लिए

ऑस्ट्रेलिया ने जिम्बाब्वे को तीसरे और आखिरी वनडे 1 विकेट से हराकर सीरीज 3-0 से स्वीप कर लिया है। हरारे में जिम्बाब्वे ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 8 विकेट पर 271 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने 49.5 ओवर में 9 विकेट खोकर 272 रन बना दिए। पूरी खबर

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मुख्य बातें

  • इसका जवाब सिर्फ भूगोल से नहीं मिलता।
  • किसी देश की एशियन गेम्स में भागीदारी उसके इतिहास, खेल संस्थाओं की सदस्यता, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और राजनीतिक परिस्थितियों से भी तय होती है।
  • और यहीं से इन तीनों देशों की कहानी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हो जाती है।

स्रोत और संदर्भ

  1. दैनिक भास्कर · रूस, इजराइल और तुर्किये एशियन गेम्स में क्यों नहीं:तुर्किए की 97% और रूस की 75% जमीन एशिया में, तीनों देशों की अलग वजह ↗21 सितंबर 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।

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