मेहनत, लगन और सही अवसर मिले तो छोटी शुरुआत को भी बड़े उद्यम में बदला जा सकता है। दतिया निवासी अनिल शिवहरे की सफलता की कहानी इसका उदाहरण है। उनके पिताजी पहले छोटे स्तर पर हार्डवेयर एवं बिल्डिंग मटेरियल का कार्य करते थे। पिता के कार्य से प्रेरणा लेकर अनिल ने इसी व्यवसाय को बड़े स्तर पर स्थापित करने का निश्चय किया। अनिल को उद्योग विभाग से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली।
योजना के माध्यम से उन्हें 9 लाख रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इसके साथ स्वयं की पूंजी मिलाकर उन्होंने लगभग 20 से 25 लाख रुपये का निवेश कर अपना उद्यम स्थापित किया। आज वे हार्डवेयर एवं बिल्डिंग मटेरियल का व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित कर रहे हैं। व्यवसाय के विस्तार के साथ अनिल की आय में भी वृद्धि हुई है।
वर्तमान में वे इस व्यवसाय से लगभग 5 से 6 लाख रुपये वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। व्यवसाय से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, उनका उद्यम अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का माध्यम बन रहा है।
अनिल बताते हैं कि स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अब आत्मनिर्भर बनकर आगे बढ़ रहे हैं। वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं कि शासन द्वारा उद्यमियों के लिए संचालित योजनाओं से उन्हें अपना उद्यम स्थापित करने में सहयोग मिला और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्राप्त हुआ।
अनिल अन्य युवाओं को संदेश देते हुए कहते हैं कि युवा अपने पैरों पर खड़े होने के लिए शासन की योजनाओं की जानकारी लें और उनका लाभ उठाएं। स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से युवा स्वयं आत्मनिर्भर बनें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। पिता के छोटे कारोबार से मिली प्रेरणा से शुरू हुआ सफर आज सफल उद्यम तक पहुंच चुका है।
अनिल की कहानी मेहनत, अवसर और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आती है। सुश्री निहारिका मीना सहायक संचालक जनसम्पर्क दतिया




