7.8 प्रतिशत वास्तविक जीडीपी वृद्धि के साथ 2026-27 की मजबूत शुरुआत
2026-27 के लिए भारत की अर्थव्यवस्था की शुरुआत मजबूती के साथ हुई जिसमें विनिर्माण और सेवाओं के अच्छे प्रदर्शन के साथ पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी में 7.8 प्रतिशत तक वृद्धि हुई जबकि वास्तविक सकल मूल्य वृद्धि में 8.2 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई।
निवेश 11.9 प्रतिशत तक बढ़ गया ; घरेलू खपत 7.1 प्रतिशत बढ़ गई और निर्यात 12.0 प्रतिशत बढ़ गया। यह गति जुलाई में भी जारी रही। औद्योगिक उत्पादन में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि अप्रैल-जुलाई के दौरान संचयी व्यापारिक और सेवाओं के निर्यात में वर्ष-दर-वर्ष 13.16 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
जुलाई में उद्योग और सेवाओं के लिए ऋण क्रमशः 20.0 प्रतिशत और 22.9 प्रतिशत बढ़ा।
भारत ने लगातार भू - राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापार को लेकर अनिश्चितता के बीच 2026-27 में प्रवेश किया। इन बाहरी दबावों के बावजूद 2026-27 की पहली तिमाही में वास्तविक जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी। यह परिणाम 2023-24 से 2026-27 तक चार वर्षों की अवधि के दौरान पहली तिमाही में दर्ज वास्तविक जीडीपी की उच्चतम वृद्धि को रेखांकित करता है । घरेलू मांग में तेजी तथा विनिर्माण और सेवाओं में लाभ से इसे समर्थन मिला है।
अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ( आईएमएफ ) ने भी वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका का उल्लेख किया है। जुलाई 2026 में इसने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक और वैश्विक विकास का प्रमुख इंजन बताया।
भारत की ऋण संबंधी साख के मूल्यांकन में भी इस की झलक मिलती है कि विश्व को भारत की अर्थव्यवस्था पर पूरा भरोसा है। अगस्त 2026 में एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने स्थिर दृष्टिकोण के साथ भारत की ' बीबीबी / ए -2' सॉवरेन रेटिंग की पुष्टि की । इससे पहले, 18 वर्षों के अंतराल के बाद 2025 में इसकी दीर्घकालिक रेटिंग को ' बीबीबी ' में अपग्रेड किया गया था।
2026-27 की पहली तिमाही ( क्यू 1) में आर्थिक विकास मजबूत हुआ। यह परिणाम इस तिमाही के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के 7.0 प्रतिशत के अनुमान को पार कर गया है।
सकल घरेलू उत्पाद ( जीडीपी ) एक लेखांकन अवधि में घरेलू अर्थव्यवस्था में उत्पादित अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का मूल्य है।
सकल मूल्य वृद्धि ( जीवीए ) अर्थव्यवस्था में उत्पादकों , उद्योगों या क्षेत्रों के व्यक्तिगत योगदान को मापता है।
विगत तीन वित्त वर्षों के लिए वास्तविक जीडीपी को बढ़ाकर संशोधित किया गया है। संशोधनों से पता चलता है कि पहली तिमाही का प्रदर्शन पूर्ववर्ती अनुमान की तुलना में मजबूत विकास पथ का अनुसरण करता है।
स्रोत: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई)
वार्षिक संशोधित अनुमान आधार वर्ष 2022-23 के साथ नए मूल्य और उत्पादन सूचकांकों के उपयोग को दर्शाते हैं। इसमें आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स ( पीपीआई ) और बैंकिंग सर्विसेज प्राइस इंडेक्स ( बीकेएसपीआई ) शामिल हैं। इसमें विभिन्न स्रोतों से अद्यतन प्रशासनिक आंकड़े भी शामिल किए गए हैं।
राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी संशोधनों के बारे में अधिक पढ़ने के लिए , कृपया देखें : Counting What Counts: Strengthening India’s National Accounts and Core Economic Statistics
पहली तिमाही में आर्थिक गतिविधियों को निवेश में तीव्र वृद्धि , घरेलू खपत में मजबूती और निर्यात में बढ़ोतरी का समर्थन मिला।
तालिका-2: वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद के प्रमुख व्यय घटक
दुनिया के बाकी हिस्सों को आपूर्ति की जाने वाली वस्तु एं और सेवाएं
व्यय में मजबूती उत्पादन पक्ष पर भी परिलक्षित हुई जिसमें तृतीयक और द्वितीयक क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है।
तालिका-3: प्रमुख विनिर्माण श्रेणि यों में उल्लेखनीय लाभ दर्ज
जुलाई 2026 में प्रमुख क्षेत्रों में बैंक ऋण वृद्धि मजबूत हुई।
विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा , व्यापार और निवेश तथा कृषि के क्षेत्रों तक 2026 के दौरान शुरू किए गए नीतिगत उपा यों ने इन आर्थिक रुझानों को और मजबूत किया है।
ये कदम मेक इन इंडिया , उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन ( पीएलआई ) योजनाओं , पीएम - किसान , निर्यात संवर्धन मिशन और अन्य सहित एक दशक की नीतिगत पहलों पर आधारित हैं।
2026-27 की शुरुआत में भारत का आर्थिक प्रदर्शन अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक आधार वाली गति को दर्शाता है। निवेश में तेजी आई है , घरेलू खपत मजबूत बनी हुई है , जबकि विनिर्माण , सेवाओं और निर्यात ने अतिरिक्त सहायता प्रदान की है।
हाल के संकेतक बताते हैं कि यह ताकत पहली तिमाही से आगे बढ़ गई है। विभिन्न नीतिगत उपायों के माध्यम से निरंतर सरकारी समर्थन ने भी आर्थिक गतिविधियों की गति को बनाए रखने में मदद की है।
सकल घरेलू उत्पाद में भारत का प्रभावशाली प्रदर्शन
साइट को राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) द्वारा होस्ट किया जाता है । इस पर सूचनाएं पत्र सूचना कार्यालय, "ए" विंग, शास्त्री भवन, डॉ राजेंद्र प्रसाद रोड़, शास्त्री भवन, नई दिल्ली – 110001, फोन : 23389338 द्वारा उपलब्ध करवाई जाती है और अद्यतित की जाती है ।
मुख्य बातें
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- निवेश 11.9 प्रतिशत तक बढ़ गया ; घरेलू खपत 7.1 प्रतिशत बढ़ गई और निर्यात 12.0 प्रतिशत बढ़ गया।
- यह गति जुलाई में भी जारी रही।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 21 सितंबर 2026।



