शासकीय महाविद्यालय कैलारस में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के ऐतिहासिक शिकागो उद्बोधन के स्मृति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. हरीशंकर कंसाना, मुख्य वक्ता स्वामी विवेकानंद योजना के संयोजक श्री श्रवण कुमार तथा अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य श्री महाराज सिंह धाकड़ ने की।
कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री दर्शन गिरि गोस्वामी ने किया। मुख्य वक्ता श्री श्रवण कुमार ने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों एवं शिकागो उद्बोधन के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 11 सितम्बर 1893 को अमेरिका के शिकागो में आयोजित विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘‘मेरे अमेरिकी भाइयों और बहनों’’ शब्दों से की थी।
उनके उद्बोधन ने भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा, मानवता, सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश विश्व पटल पर पहुंचाया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्य अतिथि डॉ. हरीशंकर कंसाना ने स्वामी विवेकानंद के विचारों में निहित मानवता, सहिष्णुता, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने राष्ट्रीय सेवा योजना की विभिन्न गतिविधियों एवं वर्षभर संचालित होने वाले कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की जानकारी भी विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवियों को दी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए शिक्षा, संस्कार और सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवन में अपनाने तथा समाज सेवा के प्रति समर्पित रहने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्रभारी प्राचार्य श्री महाराज सिंह धाकड़ ने आभार व्यक्त किया।





